रायपुर , 2 जून 2020। छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी की अंतिम इच्छा अनुसार आज उनकी कब्र की मिट्टी को जल प्रवाह हेतु पावर हाउस तिराहा, मुक्तिधाम पेंड्रारोड से लेकर अमरकंटक के रामघाट, नर्मदा, अरंडी संगम, सोन नदी व अचानकमार के माटिनाला व पीढ़ा में विसर्जित किया गया। इसके साथ ही अमरकंटक में पुत्र अमित जोगी द्वारा स्वर्गीय अजीत जोगी का पिण्डदान भी किया गया।
छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी का निधन 29 मई को रायपुर के निजी अस्पताल मे हुआ था जिसके बाद प्रदेश में शोक की लहर है। स्व. जोगी ने मृत्यु के पश्चात अपने कब्र की मिट्टी को अमरकंटक के रामघाट, नर्मदा अरंडी संगम, सोनमुड़ा के सोनभद्र नदी, अचानकमार के माटीनाला एवं पीढ़ा में विसर्जित किए जाने की इच्छा जताई थी।आज उनके पुत्र अमित जोगी व पत्नी डॉक्टर रेणु जोगी सहित उनके पैतृक गांव जोगीसार के पारिवारिक सदस्यो एव कवंर समाज के लोगों द्वारा मिट्टी कलश यात्रा निकली गयी,यह यात्रा गौरेला के पावर हाउस तिराहा के पास कब्रिस्तान से प्रारंभ होकर जलेश्वर मार्ग होते हुए अमरकंटक पहुंची जहाँ रास्ते पर लोगों ने कलश के दर्शन भी किए।
अमरकंटक में कलश से कुछ मिट्टी नर्मदा संगम में प्रवाहित किया गया। इसी संगम में अमित जोगी ने धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार स्वर्गीय अजीत जोगी का पिण्डदान भी किया। इसके बाद इस कलश की मिट्टी को नर्मदा अरंडी संगम, अचानकमार के माटीनाला, केवंची व पीढ़ा के जंगलों में भी विसर्जित किया गया। स्वर्गीय अजीत जोगी के मिट्टी कलश व पिण्डदान के दौरान जोगी की पत्नी डॉ. रेणु जोगी, पुत्र अमित जोगी,लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह, बलौदाबाजार विधायक प्रमोद शर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में जोगी के शुभचिंतक उपस्थित थे।
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अपना किमती समय देने के लिये
धन्यवाद